Azamgarh News: अमानवीयता की हद: पिकअप में ठूंस-ठूंसकर भरे गए 17 मवेशी, कई अधमरे हालत में मिले, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय
अमानवीयता की हद: पिकअप में ठूंस-ठूंसकर भरे गए 17 मवेशी, कई अधमरे हालत में मिले, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सरदार बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक पिकअप वाहन में ठूंस-ठूंसकर ले जाए जा रहे मवेशियों की दर्दनाक हालत देखी। जानकारी के अनुसार, सैदपुर गांव से तेरही गौशाला ले जाए जा रहे इन बेजुबान पशुओं के साथ ऐसी क्रूरता की जा रही थी, जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिकअप वाहन में क्षमता से कई गुना अधिक,करीब 17 मवेशियों को बेरहमी से ठूंस दिया गया था, जबकि इस प्रकार के वाहन में सामान्यतः 3 से 4 पशुओं को ही सुरक्षित ले जाया जा सकता है। हालत इतनी भयावह थी कि एक बछड़ा वाहन के पीछे से नीचे लटका हुआ था, जो किसी भी क्षण गिरकर अपनी जान गंवा सकता था।
जब स्थानीय ग्रामीणों की नजर इस अमानवीय दृश्य पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत वाहन को रोक लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर सामने आया कि लगभग पांच मवेशी अधमरी अवस्था में पड़े हुए थे—कुछ की सांसें धीमी थीं तो कुछ बिल्कुल निढाल पड़े थे। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब गौशाला के एक सेक्रेटरी के आदेश पर किया जा रहा था, जो एक पशुशाला से दूसरे पशुशाला तक मवेशियों को स्थानांतरित कराने के नाम पर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा था। लोगों ने इसे न केवल पशु क्रूरता बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध बताया। इस मौके पर आशुतोष सिंह, सच्चा सिंह, सनी सिंह, अवनीश सिंह उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह का अत्याचार होता रहेगा? क्या जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी समझेंगे या यूं ही निर्दोष पशु क्रूरता का शिकार होते रहेंगे?



