एसडीएम ने रजपुरा गांव में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ कार्य तथा बड़ागांव में सार्वजनिक रास्ते के विवाद का किया स्थलीय निरीक्षण
घोसी। मऊ । एसडीएम अशोककुमारसिंह ने दो गांवो में पहुंच कर शासन के निर्देशानुसार फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य के साथ धारा 133 सीआरपीसी के तहत दायर वाद का किया भौतिक निरीक्षण।
एसडीएम अशोककुमारसिंह ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र के राजपुरा गांव पहुंच कर फार्मर रजिस्ट्री आइडी कार्य का निरीक्षण करने के साथ सम्बन्धित लेखपाल एवं अन्य कर्मचारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। कहा कि किसानों के विवरण को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने के लिए चलाई जा रही ‘फार्मर रजिस्ट्री’ मुहिम अब जोर पकड़ने लगी है। साथ ही पंजीकृत किसानों के विवरण की जानकारी प्राप्त किया।
अशोक कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्थानीय किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व टीम को तकनीकी दिक्कतों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
फार्मर रजिस्ट्री सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं, जैसे- पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ सीधे और आसानी से मिल सकेगा।
इसके बाद एसडीएम अशोककुमारसिंह नगर के बड़ागांव पहुंच कर धारा 133सीआरपीसी के तहत सूर्य भान बनाम जुबैर के बीच सार्वजनिक रास्ते या सार्वजनिक उपयोग की भूमि को लेकर सूर्य भान और जुबैर के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसको लेकर बड़ागांव पहुंच कर सम्बन्धित विवादित रास्ते का भौतिक निरीक्षण किया। खड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक रास्ते, या सार्वजनिक स्थानों पर विवाद या अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। दोनों पक्षों की बात सुनने के साथ लेखपाल से अभिलेखीय जानकारी प्राप्त किया। एसडीएम अशोककुमारसिंह ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य जल्द और निष्पक्ष निर्णय देना है।



