डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने पेयजल योजनाओं की समीक्षा की, प्रगति तेज करने व लंबित कार्यों पर सख्ती के निर्देश

DC Dilip Pratap Singh Shekhawat reviewed the drinking water schemes, instructed to speed up the progress and take strict action on pending works.

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।इस दौरान उपायुक्त श्री शेखावत ने फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC), मल्टी विलेज स्कीम (MVS), सिंगल विलेज स्कीम (SVS), जल मीनार एवं अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 3,65,812 FHTC का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें से अब तक 1,93,575 कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जो लगभग 52.91% उपलब्धि दर्शाता है।इसपर उपायुक्त ने शत-प्रतिशत कार्यों को पूर्ण करने में क्या-क्या अड़चने आ रही है,उनकी जानकरी ली।इसपर उन्होंने शेष 1,72,237 कनेक्शन जल्द पूर्ण करने पर बल दिया गया।

उपायुक्त ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं की प्रगति धीमी है, संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिले में कुल 27,037 चापाकलों में से 3,387 चापाकल विभिन्न कारणों से खराब हैं,जिनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापन हेतु कार्य प्रगति पर है।इस दौरान बताया गया कि विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़े चापाकल की मरम्मती हेतु प्रखंडवार गैंगमैन की नियुक्ति कर दी गयी है।इसपर उपायुक्त ने इसका प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कराने की बात कही।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि खराब चापाकलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द चालू कराया जाए ताकि आमजन को पेयजल की समस्या न हो।SVS योजनाओं की समीक्षा में अधिकांश योजनाओं में 100% भौतिक प्रगति पाई गई,जबकि कुछ योजनाओं में आंशिक कार्य शेष है। उपायुक्त ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
मल्टी विलेज स्कीम (MVS) की समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में प्रगति संतोषजनक पाई गई, वहीं कुछ योजनाओं में धीमी गति, भूमि अधिग्रहण, NHAI से NOC एवं अन्य तकनीकी बाधाओं के कारण विलंब पाया गया।इसी क्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि कुछ योजनाओं को एनएच के निर्माण के कारण नुकसान पहुंचा है जिससे पेयजल बाधित है।डीसी ने ऐसे सभी योजनाओं की सूची बनाते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर से समन्वय स्थापित कर सभी योजनाओं को दुरुस्त कराने की बात कही।उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अभियंताओं को नियमित मॉनिटरिंग करने एवं फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश दिए गए।बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट की जाए और कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आम जनता को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।बैठक में सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता उपस्थित रहे।

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