श्री राम हनुमान मिलन की कथा का श्रद्धालुओं को कराया रसपान।
बरहज देवरिया।त्यागी जी हनुमान मंदिर पर चल रहे श्रीमद् भागवत कथा एवं श्री राम कथा में कानपुर से पधारी हुई, सुश्री साध्वी
निलेश शास्त्री ने , हनुमान एवं राम के मिलन की कथा का, श्रद्धालुओं को रसपान करते हुए कहा कि माता जानकी की खोज में भगवान श्री राम ऋषि मुख पर्वत के नीचे पहुंचे हुए थे और सुग्रीव के बारे में जानकारी करना चाहते थे इसी बीच प्रथम मिलन श्री हनुमान जी का प्रभु श्री राम से हुआ हनुमान जी विप्र का रूप बनाकर प्रभु श्री राम के पास पहुंचे भगवान श्री राम ने पूछा कि आप सुग्रीव का पता मुझे बता देंगे जिस पर हनुमान जी ने कहा पता ही नहीं बता देंगे आपको सुग्रीव जी से मिलवा देंगे जब हनुमान जी को पता चल गया कि प्रभु श्री राम भगवान है तब प्रभु पहचान पड़े गहि चरना, सो सुख उमा जाहि नहि बरना।
हनुमान जी भगवान के चरणों में गिर पड़े भगवान ने हनुमान को उठाकर हृदय से लगा लिया और दोनों भाई राम लक्ष्मण को अपने कंधे पर बिठाकर महाराज सुग्रीव के वहां ले गए महाराज सुग्रीव ने प्रभु श्री राम लक्ष्मण का चरण धोकर सम्मान किया प्रभु श्री राम ने सुग्रीव से ऋषि मुख पर्वत पर रहने का कारण पूछा जिस पर जिस पर पूरी बात सुग्रीव जी ने भगवान को बताया भगवान ने सुग्रीव जी को मित्र बनाया और मित्र के शत्रु का वध करके संपूर्ण किष्किंधा का राजा सुग्रीव को बनाया।
कथा के दौरान हनुमान मंदिर के मंहत श्री 1008 के श्री मारूति जी महाराज उर्फ त्यागी बाबा, सीमा शुक्ला, राम आशीष यादव, रामाशंकर यादव, रामायण यादव, उमेश चंद चौरसिया, सोनू भारद्वाज, चंद्रभान तिवारी, रमाशंकर, श्याम सुंदर दास, प्रभाकर शुक्ला सीमा देवी ,रजवंती देवी, कुसुम ,सरिता देवी, बदामी देवी, सहित नगर एवं क्षेत्र के सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।



