अक़ीदत मंदो ने चौथे ईमाम सज्जाद का ताबूत व अलम निकाला जुलूस।
घोसी।मऊ। घोसी नगर के बड़ागाँव निमतले स्थित जुल्फेकार अहमद मरहूम के मकान से मंगलवार रात्रि लगभग 8:बजे अलम व ताबूत का जुलूस निकाला गया।जिसमें अंजुमन सज्जादिया ने नोहा ख्वानी की।जुलूस देर रात बड़ागाँव सदर इमाम बारगाह एन एच 29 स्थित रौज़ए इमाम हुसैन पर जाकर समाप्त हुआ।अलम व ताबूत का जुलूस कर्बला के बाद ईमाम हुसैन के बेटे ईमाम सज्जाद की याद में निकाला जाता है।जब इमाम हुसैन की शहादत के बाद इमामत ईमाम सज्जाद को देखना था। ईमाम हुसैन की शहादत के बाद ईमाम सज्जाद हमेशा रोते रहे।कभी भी मुश्कुराये नही हमेशा अपने बाबा हुसैन व अपने चचा एवं भाइयो को याद कर रोते रहे।जब कोई ईमाम सज्जाद से पूछता कि मौला आप कब तक रोइयागा तो ईमाम कहते थे कि तुम लोग इंसाफ से बताओ कि जिसका पूरा भरा घर एक दोपहर में कर्बला मे उजड़ गया वो क्यों नही रोये।
इस मौके पर अंजुमन सज्जादियाने नोहा पढ़ा।
आबिद पेटर की मय्यत रन से उठाते कैसे
हाथो मे हथकड़ी थी तुरबत बनाते कैसे
इस अवसर पर मालिके अस्तर, शमीम हैदर, तफहिम हैदर, गजनफ़र अब्बास, साजिद ज़ाहिदी, इफ्तेखार मुन्ना, नसीम हैदर ज़मानत अब्बास, हसन फ़राज़, हुसैन फ़राज़, जौहर अली,
मौलाना ज़ाफ़रहुसैन, नजमुल हसन, अहमद ओन, आदि लोग मौजूद रहे।



