ऑपरेशन ‘CyVazra’ में आजमगढ़ पुलिस की देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 11 शातिर गिरफ्तार, 684 से अधिक शिकायतों का खुलासा

आजमगढ़, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन CyVazra’ के तहत आजमगढ़ पुलिस ने देशव्यापी साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 684 से अधिक शिकायतों का विश्लेषण कर साइबर ठगी के कई बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। जांच के आधार पर जिले के विभिन्न थानों में 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि साइबर ठगी से संबंधित 10 लाख 46 हजार रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई गई है।इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक महिंद्रा थार, दो मोटरसाइकिल, 13 हाई-एंड मोबाइल फोन, विदेशी सिम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, फर्जी कंपनियों की रबर मुहरें, एटीएम कार्ड, चेकबुक, नकदी तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साइबर अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है

Azamgarh news:अपराध से अर्जित 10 करोड़ की संपत्ति पर चला कानून का शिकंजा, गैंगस्टर के.सी. राय की आलीशान इमारत प्रशासन ने की कुर्क

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चला विशेष अभियान

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर प्रदेशभर में साइबर अपराध के विरुद्ध विशेष अभियान “ऑपरेशन CyVazra” संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक रवि प्रकाश गौतम एवं उनकी टीम ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक तकनीकी जांच और छापेमारी अभियान चलाया।राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गहन विश्लेषण किया गया। डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच के बाद एक ऐसे संगठित साइबर गिरोह का खुलासा हुआ, जो देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगी का शिकार बना रहा था।

लायंस क्लब ऑफ डाल्टनगंज एवं लायंस क्लब ऑफ डाल्टनगंज फेमिना की नई कार्यकारिणी का पदस्थापन संपन्न

684 से अधिक राष्ट्रीय शिकायतों की जांच के बाद हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 684 से अधिक शिकायतों का विश्लेषण किया गया। इन शिकायतों में सामने आए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों को जोड़कर पुलिस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाशीं। इसके बाद विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 13 मुकदमे दर्ज किए गए और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल स्थानीय स्तर की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि इन गिरोहों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

भारत के ईंधन टैंक में एथेनॉल: हरित क्रांति या बढ़ती दुविधा?

10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों में मौजूद साइबर ठगी से संबंधित 10 लाख 46 हजार रुपये की धनराशि को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कराया। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में इस रकम में और बढ़ोतरी होने की संभावना है क्योंकि कई अन्य बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच अभी जारी है।अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा उपयोग किए जा रहे बैंक खातों के माध्यम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन किया गया था। कई खातों में केवल तीन दिनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन सामने आया है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

भारत के ईंधन टैंक में एथेनॉल: हरित क्रांति या बढ़ती दुविधा?

लग्जरी वाहन सहित बड़ी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त अत्याधुनिक उपकरणों और अन्य सामग्री बरामद की है। इनमें एक महिंद्रा थार वाहन, एक होंडा मोटरसाइकिल, एक प्लेटिना मोटरसाइकिल, 13 हाई-एंड मोबाइल फोन जिनमें आईफोन-16, सैमसंग, हुआवेई और ओप्पो जैसे ब्रांड शामिल हैं, एक अंतरराष्ट्रीय विदेशी सिम कार्ड, बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, विभिन्न व्यक्तियों के नाम से तैयार नकली पहचान पत्र, फर्जी मालदीव वर्क परमिट, विभिन्न फर्जी कंपनियों की कूटरचित रबर मुहरें, 14 एटीएम और डेबिट कार्ड, चार ब्लैंक चेकबुक एवं चेक तथा 10 हजार 520 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से साइबर अपराध के और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।

24 जुलाई को खुलेगा ‘रामायणम्’ का भव्य द्वार

11 साइबर अपराधी गिरफ्तार

इस अभियान के दौरान कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सुधाकर, नितिन मिश्रा, नवनीत सिंह, सुमित सिंह, मुकेश यादव, रवि कुमार, यशवीर सिंह, रामाश्रय सरोज, अमित मौर्या, स्वप्निल तथा आकाश चौहान शामिल हैं। ये आरोपी आजमगढ़, बस्ती और अंबेडकरनगर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं।पुलिस के अनुसार सभी आरोपी अलग-अलग मॉड्यूल में कार्य करते थे। किसी का काम फर्जी दस्तावेज तैयार करना था तो कोई बैंक खाते उपलब्ध कराता था। कुछ आरोपी सोशल मीडिया और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाते थे, जबकि कुछ विदेशी नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करते थे।

24 जुलाई को खुलेगा ‘रामायणम्’ का भव्य द्वार

फर्जी फर्म और म्यूल अकाउंट बनाकर करोड़ों की ठगी

जांच में सबसे बड़ा खुलासा फर्जी फर्म और म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का हुआ। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य बैंक कर्मियों की कथित मिलीभगत से “TWINBUILD WELL” और “RJ INFRA” जैसी फर्जी कंपनियां तैयार करते थे।इसके बाद बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर करंट बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाते खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम गिरोह के सदस्य अपने कब्जे में ले लेते थे। इन खातों का उपयोग देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता था।पुलिस के अनुसार तीन दिनों के भीतर ऐसे खातों में लगभग 40 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर वित्तीय साइबर अपराध में शामिल था।

Azamgarh news :चेकिंग के दौरान अवैध गांजा एवं बिक्री के नकदी के साथ एक गिरफ्तार

फर्जी मालदीव वर्क परमिट बनाकर बेरोजगारों को बनाते थे शिकार

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी मुकेश यादव के संबंध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार वह पहले मर्चेंट नेवी में कार्य कर चुका है और इसी अनुभव का फायदा उठाकर बेरोजगार युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देता था।वह इंटरनेट से मालदीव सरकार के वास्तविक वर्क परमिट का प्रारूप डाउनलोड करता था और मोबाइल एप्लीकेशन की सहायता से उसमें कूटरचना कर नकली दस्तावेज तैयार करता था। इसके बाद नौकरी के इच्छुक युवाओं से लाखों रुपये लेकर उन्हें फर्जी वर्क परमिट उपलब्ध कराया जाता था।पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी पीड़ितों की तलाश की जा रही है तथा विदेश रोजगार के नाम पर चल रहे इस नेटवर्क की जांच जारी है।

Azamgarh news :गैंगलीडर, गैंगस्टर, भूमाफिया, हिस्ट्रीशीटर एवं कुख्यात अपराधी कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय की अपराध से अर्जित दस करोण की गगनचुम्बी इमारत की कुर्की का आदेश 

टेलीग्राम पर गेमिंग और लॉटरी फ्रॉड का खुलासा

गिरफ्तार आरोपी स्वप्निल टेलीग्राम पर कई फर्जी गेमिंग, कैसीनो और प्रेडिक्शन चैनलों का संचालन करता था। इन चैनलों के माध्यम से लोगों को कम समय में अधिक लाभ कमाने का लालच दिया जाता था।पीड़ितों से ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने के बाद उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं दिया जाता था और भुगतान मिलते ही उनकी टेलीग्राम आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी। पुलिस ने आरोपी के डिजिटल उपकरणों से ऐसे कई चैनलों और ऑनलाइन गतिविधियों के प्रमाण जुटाए हैं।

Azamgarh news :ऑनलाइन प्राइवेट जॉब के नाम पर हुई ₹3,000 की साइबर ठगी की धनराशि पुलिस ने पीड़ित के खाते में कराई वापस 

सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग

गिरफ्तार आरोपी आकाश चौहान के बारे में पुलिस ने बताया कि वह टेलीग्राम पर “Lolly Seller” नाम से एक ग्रुप संचालित करता था। ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने के बाद वह अश्लील फोटो और न्यूड वीडियो क्लिप उपलब्ध कराता था।प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस माध्यम से लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध आर्थिक लाभ कमाया जाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा किन-किन राज्यों में इसकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

Azamgarh news :आजमगढ़वासियों आईए, आज वृक्षारोपण कर हरितिमा का श्रृंगार करें

फर्जी दस्तावेजों का बड़ा नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मोबाइल सिम, बैंक खाते तथा नकली दस्तावेज तैयार कर साइबर अपराध को अंजाम देते थे। फर्जी पहचान के आधार पर बैंक खाते खोलना, सिम कार्ड खरीदना और वित्तीय लेन-देन करना इनके अपराध का प्रमुख हिस्सा था।बरामद दस्तावेजों से यह भी संकेत मिला है कि गिरोह केवल साइबर ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि संगठित आर्थिक अपराधों में भी शामिल हो सकता है। पुलिस इस पहलू पर भी गहन जांच कर रही है।

Azamgarh News:आजमगढ़ में डिप्टी सीएम केशव मौर्य का विपक्ष पर तीखा हमला: “सपा रामद्रोहियों का परिवार, भाजपा में है असली सामाजिक संतुलन”

डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी

पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, लैन-देन के रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि इन उपकरणों से देशभर के पीड़ितों, बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट, टेलीग्राम चैनलों और अंतरराज्यीय नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग किन राज्यों में सक्रिय हैं तथा साइबर ठगी से अर्जित धन का निवेश किन संपत्तियों में किया गया।

Azamgarh News:आजमगढ़ में डिप्टी सीएम केशव मौर्य का विपक्ष पर तीखा हमला: “सपा रामद्रोहियों का परिवार, भाजपा में है असली सामाजिक संतुलन”

साइबर अपराध के बदलते स्वरूप की बड़ी तस्वीर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध अब केवल ऑनलाइन फ्रॉड तक सीमित नहीं रह गया है। अपराधी फर्जी कंपनियां बनाकर, बैंक खातों का दुरुपयोग कर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए और विदेशी नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने जैसे नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और अंतरराज्यीय समन्वय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।ऑपरेशन CyVazra के तहत की गई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस अब केवल शिकायतों पर कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है।

Azamgarh news:अज्ञात व्यक्ति के शव की हुई पहचान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने की आमजन से अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि आजमगढ़ पुलिस साइबर अपराध के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी और उनके पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए अभियान लगातार चलाया जाएगा।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी की धनराशि को फ्रीज कराने और अपराधियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलती है।

Jaunpur news:चाकू के बल पर प्लंबर से लूट करने वाले दो आरोपी कुछ ही घंटों में गिरफ्तार, बक्शा पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पुलिस की बड़ी उपलब्धि

आजमगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई प्रदेश में साइबर अपराध के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। 684 से अधिक शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण, 13 मुकदमों का पंजीकरण, 11 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज कराना तथा बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद करना इस अभियान को प्रदेश की प्रमुख साइबर कार्रवाई में शामिल करता है।पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा साइबर अपराध से अर्जित संपत्तियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button