पत्नी बनी जीवनदाता: लिवर का हिस्सा देकर पति को दी नई जिंदगी

First Successful Liver Transplant Performed in Navi Mumbai 

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Mumbai : A remarkable story of love, courage, and medical excellence has emerged from NewEra Hospital in Navi Mumbai, touching hearts across the city. Mukesh Ramchandra Tandel, a 48-year-old auto-rickshaw driver, was battling severe liver cirrhosis and multiple life-threatening complications. His condition had deteriorated to such an extent that even simple activities like walking, eating, or getting out of bed had become extremely difficult. According to doctors, a liver transplant was his only chance of survival.

 

At this critical moment, his wife, Janabai Tandel, made the courageous decision to donate 65 percent of her liver to save her husband’s life. A dedicated team of nearly 18 doctors and more than 20 medical staff members successfully carried out the highly complex 12–13-hour surgery. Led by Dr. Anurag Shrimal and Dr. Rohan Chaudhary, the procedure became the hospital’s first successful living donor liver transplant. Today, both donor and recipient are recovering well, and their story stands not only as a major medical achievement but also as an inspiring example of love, sacrifice, and the importance of organ donation.

 

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मुंबई  : मुंबई के नवी मुंबई स्थित न्यूएरा हॉस्पिटल में इंसानियत, प्रेम और चिकित्सा कौशल की एक ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। 48 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक मुकेश रामचंद्र तांडेल गंभीर लिवर सिरोसिस और कई जटिल बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि चलना-फिरना, खाना खाना और बिस्तर से उठना तक मुश्किल हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार लिवर ट्रांसप्लांट ही उनकी जिंदगी बचाने का आखिरी रास्ता था। ऐसे मुश्किल समय में उनकी पत्नी जनाबाई तांडेल ने बिना हिचक अपने लिवर का 65 प्रतिशत हिस्सा दान कर पति को नई जिंदगी देने का फैसला किया।

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करीब 18 डॉक्टरों और 20 से अधिक मेडिकल स्टाफ की टीम ने 12 से 13 घंटे चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉ. अनुराग श्रीमल और डॉ. रोहन चौधरी के नेतृत्व में यह अस्पताल का पहला सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट बना। आज दोनों स्वस्थ हैं और यह कहानी सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि नहीं, बल्कि रिश्तों की ताकत, त्याग और अंगदान के महत्व का प्रेरणादायक संदेश भी बन गई है।

 

 

पत्नी बनी जीवनदाता: लिवर का हिस्सा देकर पति को दी नई जिंदगी

 

नवी मुंबई में हुआ पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट

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मुंबई  : मुंबई के नवी मुंबई स्थित न्यूएरा हॉस्पिटल में इंसानियत, प्रेम और चिकित्सा कौशल की एक ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। 48 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक मुकेश रामचंद्र तांडेल गंभीर लिवर सिरोसिस और कई जटिल बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि चलना-फिरना, खाना खाना और बिस्तर से उठना तक मुश्किल हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार लिवर ट्रांसप्लांट ही उनकी जिंदगी बचाने का आखिरी रास्ता था। ऐसे मुश्किल समय में उनकी पत्नी जनाबाई तांडेल ने बिना हिचक अपने लिवर का 65 प्रतिशत हिस्सा दान कर पति को नई जिंदगी देने का फैसला किया।

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करीब 18 डॉक्टरों और 20 से अधिक मेडिकल स्टाफ की टीम ने 12 से 13 घंटे चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉ. अनुराग श्रीमल और डॉ. रोहन चौधरी के नेतृत्व में यह अस्पताल का पहला सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट बना। आज दोनों स्वस्थ हैं और यह कहानी सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि नहीं, बल्कि रिश्तों की ताकत, त्याग और अंगदान के महत्व का प्रेरणादायक संदेश भी बन गई है।

 

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